दायँ
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दायँ पु † ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ दाँव] दे॰ 'दावै' ।
दायँ ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰] दे॰ 'दाईं' ।
दायँ ^३ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ दमन] दाना और भूसा अलग करने के लिये कटी हुई फसलों के डंठलों को बैलों से रौंदवाने का काम । दवँरी । उ॰— कटत धान अरु दायँ जात जब फरवारन महँ— प्रेमघन॰, भा॰ १, पृ॰ ४४ । क्रि॰ प्र॰—जाना ।
दायँ ^४ संज्ञा स्त्री॰ [?] बराबरी । तुल्यता । दे॰ 'दाँज' । उ॰— विण जुध कारण बाध रै दूजो नावै दार्य ।—बाँकी॰ ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ २२ ।