सामग्री पर जाएँ

दिक्कन्या

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

दिक्कन्या संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] दिशारूपी कन्या । विशेष— पुराणानुसार दिशाएँ ब्रह्मा की कन्याएँ मानी गई हैं । वाराहपुराण में लिखा है कि जिस समय ब्रह्मा सृष्टि करने को चिंता में थे उस समय उनके कान से दस कन्याए निकलीं । ब्रह्मा ने उनसे कहा कि तुम लोगों की जिधर इच्छा हो उधर चली जाओ । तदनुसार सब एक एक दिशा में चली गई । इसके उपरांत ब्रह्मा ने आठ लोकपालों की सृष्टि की और अपनी आठ कन्याओं को बुलाकर प्रत्येक लोकपाल को एक एक कन्या प्रदान की । तदुपरांत वे स्वयं आकाश की ओर चले गए और नीचे ओर उन्होंने शेष को रखा ।