दिगंश

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

दिगंश संज्ञा पुं॰ [सं॰] क्षितिज वृत्त का ३६०वाँ अंश । विशेष— आकाश में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति जानने के लिये क्षितिज वृत्त को ३६० अंशों में विभक्त कर लेते हैं और जिस ग्रह या नक्षत्र का दिर्गश जानना होता है, उसपर से अधस्स्वास्तिक और खस्वस्तिका को छूता हुआ एक वृत्त ले जाते हैं । यही वृत्त पूर्व से विंदु क्षितिज वृत्त को दक्षिण अथवा उत्तर जितने अंश पर काटता है उतने को उस ग्रह या नक्षत्र का दिगंश कहते हैं । /?/

दिगंश यंत्र संज्ञा पुं॰ [सं॰ दिगंशयन्त्र] वह यंत्र जिससे किसी या नक्षत्र का दिगंश जाना जाय ।