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दिङ्नक्क्षत्र

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दिङ्नक्क्षत्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] विशेष नक्षत्र जो फलित ज्योतिष में विशिष्ट दिशाओं से संबंद्ध माने जाते हैं । विशेष—फलित ज्योतिष में सात सात नक्षत्र प्रत्येक दिशा से संबंद्ध माने जाते हैं और इन्हीं के अनुसार किसी प्रश्न के अंतर्गत दिशा आदि का ज्ञान प्राप्त किया जाता है । जैसे, यदि किसी की कोई चीज चोरी हो जाय अथवा कोई बालक खो जाय तो चीज के चोरी होने अथवा बालक के खोए जाने के समय का नक्षत्र देखकर यह कहा जा सकता है कि चोर अथवा बालक किस दिशा में है ।