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दिण्डी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दिंडी संज्ञा पुं॰ [सं॰ दिण्डी] उन्नीस मात्राओं का एक छंद । विशेष— इसके अंत में दो गुरु होते हैं और इसमें ९ तथा १० पर विश्राम होता है । इसमें कभी केवल दो चरणों का और कभी चार चरणो का अनुपास होता है । मरठी भाषा में इस छंद का विशेष व्यवहार होता है ।