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दिदोरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दिदोरा संज्ञा पुं॰ [हिं॰ दिदोरा] दे॰ 'ददोरा' । उ॰— इसकी़ परवा न रही कि ताजा हवा मिलती है या नहीं, भोजन कैसा मिलता है, कपडे़ कितने मैले हैं, उनमें कितने चिलवे पडे़ हुए हैं कि खुजाते खुजाते देह में दिदोरे पड़ जाते हैं ।—काया॰, पृ॰ २८२ ।