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दिब

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दिब संज्ञा पुं॰ [सं॰ दिव्य] वह परीक्षा जो निर्दोषता या अपने कथन की सत्यता प्रमाणित करने के लिये कोई दे । जैसे, अग्निपरीक्षा आदि । उ॰— (क) काहे को अपराध लगावति कब कीनी हम चोरी ।...जैसे जब चाहो तब तैसे बावन दिब मैं दैहों ।— (शब्द॰) । (ख) साँप सभा सावर लबार भए देव दिब दुसह साँसति कीजै आगे ही या तन की ।—तुलसी (शब्द॰) ।