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दियरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दियरा संज्ञा पुं॰ [सं॰ दीप, हिं॰ दीआ, दीआ (= छोटा कसोरा) + रा (प्रत्य॰)]

१. एक प्रकार का पकवान जिसे मीठा मिले हुए आटे की लोई बनाकर और उसके बीच में अँगूठे से गड्डा करके घी या तेल में तलकर बनाते हैं । लोई में अंगूठे से गड्ढा करने पर उसका आकार दीए का सा हो जाता है ।

२. दे॰ 'दीया' ।

२. वह बड़ा सा लुक जो शिकारी हिरनों को आकर्षित करने के लिये जलाते हैं । उ॰— सुभग सकल अंग अनुज बालक संग देखि नरनारि रहैं ज्यौं कुरंग दियरे ।— तुलसी ग्रं॰, पृ॰ १९१ ।