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दिसर्प

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दिसर्प सज्ञा पु॰ [सं॰]

१. एक प्रकार का रोग, जिसमें ज्वर के साथ सारे शरीर में छोटी छोटी फुंसियाँ हो जाती है ।

२. रेंगना । सरकना (को॰) ।

२. इधर उधर जाना । हिलना डुलना (को॰) ।

४. फैलाव । संचार (को॰) ।

५. किसी कर्म का अप्रत्याशित या अनपेक्षित दुःखद फल (को॰) ।