दुंदुभित्वन
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दुंदुभित्वन संज्ञा पुं॰ [सं॰ दुन्दुभिस्वन] सुश्रुत में लिखी हुई एक प्रकार की विषचिकित्सा । विशेष— बच, आम, गूलर, आँवला, अंकोल इत्यादि बहुत सी लकड़ियों का गोमुत्र में क्षार बनाकर और उसमें और बहुत सी ओषधियाँ मिलाकर लेप बनावे । इस लेप को दुंदुभि तोरण पताका इत्यादि में पोते । ऐसे तोरण, दुदुभि आदि के दर्शन, श्रवण से बिष का प्रभाव दूर हो जाता है ।