दुःशाला
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दुःशाला संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] गांधारी के गर्भ से उत्पन्न धृतराष्ट्र की कन्या जो सिंधु देश के राजा जयद्रथ को ब्याही थी । विशेष— जब महाभारत के युद्ध में जयद्रथ मारा गया तब इसने अपने छोटे से बालक सुरथ को राजसिंहासन पर बैठाकर बहुत दिनों तर राजकाज चलाया था । पाँड़वो के अश्वमेध के समय जब अर्जुज्ञ घोड़े को लेकर सिंधु देश में पहुँचे । तब सुरथ ने अपने पिता को मारनेवाले का युद्धार्थ आगमन सुनकर भय ये प्राणत्याग कर दिया । अर्जुन ने इस बात को सुनकर सुरथ के बालक पुत्र को सिहासन पर बैठाया ।