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दुःश्रव

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दुःश्रव संज्ञा पुं॰ [सं॰] काव्य़ में वह दोष जो कानों को कर्कश लगनेवाले वर्णो के आने से होता है । श्रुतिकटु दोष ।