दुःस्वंप्न
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दुःस्वंप्न संज्ञा पुं॰ [सं॰] बुरा स्वप्न । ऐसा सपना जिसका फल बुरा माना जाता है । उ॰— हुआ एक दुःस्वुप्न सा सखि कैसा उत्पात । जगने पर भी वह वैसा ही दिन रात ।— साकेत, पृ॰ २५१ । विशेष—क्या क्या स्वप्न देखने से क्या क्या फल होता है इसका वर्णान विस्तार के साथ ब्रह्मवैवर्तपुराण में है । स्वप्न में यदि कोई हँसे, नाचना गाना देखे तो समझे कि विपत्ति आनेवाली है । यदि अपने को तेल मलते, गदहे, भैंसे या ऊँट पर सवार होकर दक्षिण दिशा को जाते देखे तो समझना चाहिए कि मृत्यु निकत है । इसी प्रकार और बहुत से फल कहे गए हैं ।