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दुःस्वरनाम

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दुःस्वरनाम संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह पापकर्म जिसके उदय से प्राणियों के कठोर और हीन स्वर होते हैं (जैन) ।