दुकड़ी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दुकड़ी ^१ वि॰ स्त्री॰ [हिं॰ दुकड़ा] जिसमें कोई वस्तु दो दो हो ।
दुकड़ी ^२ संज्ञा स्त्री॰
१. चारपाई की वह बुनावट जिसमें दो दो वाध एक साथ बुने जाते हैं ।
२. दो बूटियोंवाला ताश का पत्ता ।
३. दो घोड़ों की बग्धी । उ॰— बेगम साहब इस ठस्से से दुकड़ी पर सवार हैं अभी कल तक सराय में अलारखी के नाम से मशहूर थी ।—फिसाना॰, भा॰ ३, पृ॰ ३४४ ।
४. घोड़ों का सामान जो दोहरा हो ।
दुकड़ी ^३ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ दो + कड़ी]
१. वह लगाम जिसमें दो कड़ियाँ होती हैं ।
२. दो कड़ियों का बर्तन, कड़ाही कंड़ाल आदि ।