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दुचित

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दुचित वि॰ [हिं॰ दो + चित्त]

१. जिसका चित्त एक बात पर स्थिर न हो । जो दुबिधे में हो । जो कभी एक बात की ओर प्रवृत्त हो, कभी दूसरी । अस्थिरचित्त । उ॰—दुचित कतहुँ परितोष न लहहीं ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. चिंतित । फिक्रमंद । उ॰—बीत सगए तिहुँ काल कछु भयो न ताके बाल । जऊ सुचित सब दुखनि सो दुचित भयो भूपाल ।—गुमान (शब्द॰) ।