दुपहरी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दुपहरी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ दोपहर + ई (प्रत्य॰)] दे॰ 'दुपहरिया' । उ॰—अरे मीत या बात कौ देखि हिये कर गौर । रूप दुपहरी छाँह कब ठहरानी इक ठौर ।—स॰ सप्तक, पृ॰ १८२ ।
दुपहरी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ दोपहर + ई (प्रत्य॰)] दे॰ 'दुपहरिया' । उ॰—अरे मीत या बात कौ देखि हिये कर गौर । रूप दुपहरी छाँह कब ठहरानी इक ठौर ।—स॰ सप्तक, पृ॰ १८२ ।