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दुबगली

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दुबगली संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ दो + बगल] मालखंभ की एक कसरत जिसमें बेत को दोनों बगलों में से निकालकर हाथ ऊँचे करके उसे ऐसा लपटते हैं कि एक कुंडल सा बन जाता है । फिर दोनों पैरों को सिर की ओर उड़ाते हुए उसी कुंडल में से निकालकर कलाबाजी के साथ नीचे गिरते हैं ।