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दुबधा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दुबधा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ द्विविधा]

१. दो में से किसी एक बात पर चित्त के न जमने की क्रिया या भाव । अनिश्चिचतता । चित्त की अस्थिरता । उ॰—दुबधा में दोऊ गए माया मिले न राम ।—(शब्द॰) । मुहा॰—दुबधे में डालना = अनिश्चित दशा में करना । दुबधे में पड़ना = अनिश्चित अवस्था में पड़ना ।

२. संशय । संहेद । जैसे,—दुबधे की बात मत कहो, ठीक ठीक बताओ कि आओगे या नहीं ।

३. असमंजस । आगा पीछा । उ॰—को जाने दुबधा संकोच में तुम डर निकट न आवै ।—सूर (शब्द॰) ।

४. खटका । चिंता ।