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दुरनय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दुरनय पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ दुर्नय] असदाचार । अनीति । उ॰—सास ननद ये कूर हैं मेरी दुरनय जाना । करिहैं भौर अनर्थ जे प्रतिभा संका मान ।—स॰ सप्तक, पृ॰ ३७२ ।