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दुराज

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दुराज ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ दुर + राज्य] बुरा राज्य । बुरा शासन । उ॰— दिन दिन दुनो देखि दारिद, दुकाल, दुःख, दुरित, दुराज, सुख सुकृत सकोच है ।—तुलसी (शब्द॰) ।

दुराज ^२ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ दो + राज्य]

१. एक ही स्थान पर दो राजाओं का राज्य या शासन । उ॰—(क) जोग बिरह के बीच परम दुख मरियत है यहि दुसह दुराजै ।—सूर (शब्द॰) । (ख) दुसह दुराज प्रजानि कों क्यों न करैं अति दंद । अधिक अँधेरी जग करत मिलि मावस रवि चंद ।—बिहारी (शब्द॰) ।

२. वह स्थान जिसपर दो राजाओं का राज्य हो । दो राजाओं की अमलदारी । उ॰—लाज बिलोकन देति नहीं रतिराज बिलोकन ही की दई मति ।... लाल निहारिए सौंह कहौं वह बाल भई है दुराज की रैयति ।— तोष (शब्द॰) ।

२. बुरा शासन । दोषपूर्ण शासन ।