सामग्री पर जाएँ

दुलदुल

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

दुलदुल संज्ञा पुं॰ [अ॰] वह खच्चरी जिसे इसकंदरिया (मिस्त्र) के हाकिम ने मुह्म्मद साहब को नजर में दिया था । विशेष—साधारण लोग इसे घोड़ा समझते हैं और मुहंरस कै दिनों में इसकी नकल निकालते हैं । मुहरंम की आठवीं को अब्बास के नाम का और नवीं को हुसौन के नाम का बिना सवार का घोड़ा भीड़माड़ के साथ निकाला जाता है ।