सामग्री पर जाएँ

दुशम्न

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

दुशम्न संज्ञा पुं॰ [फा़॰] दे॰ 'दुश्मन' । उ॰—याम छबि निरखि नागरि नारि । प्यारी छवि निरखत मनमोहन सकत न नैन पसारि । पिय सकुचत नहिं दिष्टि मिलावत सन्मुख होत लजात । श्रीराधिका निडर अवलोकत अतिहि हृदय हरखात । अरस परस मोहनि मोहन मिलि सँग गोपी गोपाल । सूरदास प्रभु सब गुण लायक दुश्मन के उर साल ।—सूर (शब्द॰) ।