दुसार
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दुसार ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ दो +साल] अरपार छेद । वह छेद जो एक ओर से दूसरी ओर तक हो । उ॰—(क) लागत कुटिल कटाछ सर क्यों न होय बेहाल । लगत जु हिये दुसार करि तऊ रहत नटसाल ।—बिहारी (शब्द॰) । (ख) रहि न सक्यौ कसु करि रह्मौ बस कर लीनी मार । भेदि दुसार कियौ हियौ तनदुति भेदै सार ।—बिहारी र॰, दो॰ ४४३ । (ग) लागी लागी क्या करै लागत रही लगार । लागी तब ही जानिए निकसी जाय दुसार ।—कबीर (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—करना ।
दुसार ^२ क्रि॰ वि॰ आरपार । वारपार । एक पार से दूसरे पार तक ।