दूबरा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दूबरा पु † वि॰ [सं॰ दुर्बल] [वि॰ स्त्री॰ दबरी]
१. दुबला । पतला । क्षीण । कृश । उ॰—बहू दूबरी होत क्यों यौं जब बूझी सास । ऊतर कढयो न बाल मुख उँचे लेत उसास ।— मति॰ ग्रं॰, पृ॰ २९६ ।
२. कमजोर । निर्बल । नाजुक । उ॰—बहुत दिन के दूबरे ये कहाँ लौं बिललाहिं ।—घनानंद, पृ॰ ४७५ ।
३. दबैल । दीन । उ॰—श्री हरिदास के स्वामी श्याम कुंजबिहारी कर जोरि मौन ह्नै, दूबरे की राँधी खीर कहो कौने खाई है ?—हरिदास (शब्द॰) ।