दूर

विक्षनरी से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हिन्दी[सम्पादन]

क्रिया-विशेषन[सम्पादन]

अनुवाद[सम्पादन]

यह भी देखिए[सम्पादन]

हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

दूर क्रि॰ वि॰ [सं॰, मि॰ फा़॰ दूर] देश, काल या संबंध आदि के विचार से बहुत अंतर पर । बहुत फासले पर । पास या निकट का उलटा । जैसे,—(क) वे टहलते टहलते बहुत दूर चले गए । (ख) आप दूर से ही रास्ता बतलाना खूब जानते हैं । (ग) अभी लड़के की शादी बहुत दूर है । (घ) हमारा इनका बहुत दूर तक का रिश्ता है । (ङ) दिल्लगी करते करते वे बहुत दूर तक पहुँच गए, बाप दादे तक की गालियाँ देने लगे । मुहा॰—दूर करना = (१) अलग करना । जुदा करना । अपने पास से हटाना । (२) न रहने देना । मिटाना । जैसे,—(क) कपडे़ का धब्बा दूर कर दो । (ख) दो चार दफे आने जाने से तुम्हारा डर दूर हो जायगा । दूर की कौडी़ लाना = दूर की सूझ । कल्पना की उडा़न । उ॰—क्योंकि वह भी बहुत दूर की कौडी़ लाया है ।—प्रेमघन॰, भा॰ २, पृ॰ २२७ । दूर की सुझाना = अनुपस्थित या भविष्य की झलक दिखाना । उ॰—सूझकर सूझता नहीं जिनको वे उन्हें दूर से सुझाते । हैं ।—चोखे॰, पृ॰ ३८ । दूर की सुझना = असंबद्ध बात कहना । उ॰—बरफ नहीं एक वह लाओ संखिया इनके लिये बरफ लाओ ! क्या दूर की सूझी है ।—फिसाना॰, भा॰ ३, पृ॰ ३१ । दूर क्यों जायँ या जाइए = अपरिचित या दूर का दृष्टांत न लेकर परिचित और निकटवाले का ही विचार करें । जैसे,—दूर क्यों जायँ अपने अपने पडो़सी की ही बात लीजिए । दूर दूर करना = पास न आने देना । अत्यंत घृणा और तिरस्कार करना । दूर भागना या रहना = बहुत घृणा या तिरस्कार के कारण बिलकुल अलग रहना । बहुत बचना । पास न जाना । जैसे,—हम तो ऐसे लोगों से सदा दूर भागते (या रहते) हैं । दूर रहना = कोई संबंध न रखना । बहुत बचना । जैसे,—ऐसी बातों से जरा दूर रहा करो । दूर होना = (१) हट जाना । अलग हो जाना । छट जाना । (२) मिट जाना । नष्ट हो जाना । न रहना । दूर पहुँचना = (१) साधन या सामर्थ्य के बाहर । शक्ति आदि के बाहर । (२) दूर की बात सोचना । बहुत बारीक बात सोचना । दूर की बात = (१) बारीक बात । (२) कठिन या दुःसाध्य बात । (३) बहुत आगे चलकर आनेवाली बात । अनुपस्थित बात । दूर की कहना = बहुत समझदारी की बात कहना । दुरदर्शिता की बात कहना ।

दूर ^२ वि॰ जो दूर हो । जो फासले पर हो । जैसे, दूर देश ।