सामग्री पर जाएँ

दूरग

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

दूरग † ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ दुर्ग] दे॰ 'दुर्ग' । उ॰—पाई कंकण सिर बंधीयो मोड़ । प्रथम पयाणउँ दूरग चीतोड़ ।—बी॰ रासो, पृ॰ १२ ।

दूरग ^२ वि॰ [सं॰] दूर तक जानेवाला । दूर तक गया हुआ ।