सामग्री पर जाएँ

देवतीर्थ

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

देवतीर्थ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. देवपुजा के लिये उपयुक्त समय ।

२. अँगूठे को छोड़ उंगलियों का अग्रभाग जिससे होकर संकल्प या तर्पण का जल गिरता है ।