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देवबन्द

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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देवबंद संज्ञा पुं॰ [सं॰ देवबंन्द] घोड़ों की एक भँवरी जो उनकी छाती पर होती है और शुभ लक्षण गिनी जाती है । जिस घोड़े में यह भँवरी हो उसमें यदि और दोष भी हों तो वे निष्फल समझे जाते हैं ।