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देववक्त्र

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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देववक्त्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] (देवताओं का मुँह) अग्नि । विशेष—देवताओं के निमित्त हव्य, कव्य आदि का अग्नि में हवन होता है, इस कारण यह नाम पडा़ ।