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देवशाक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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देवशाक संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक संकर राग जो शंकराभरण, कान्हडा़ और मल्हार से मिलकर बना है । इसमें गांधार कोमल लगता है । इसका गानसमय १७ दंड से २० दंड तक है ।