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देवोत्तर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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देवोत्तर संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह संपत्ति जो किसी देवता के नाम अलग निकाल दी गई हो । देवता को अर्पित किया हुआ धन ।