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देवोन्माद

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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देवोन्माद संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकरा का उन्माद । विशेष—देवोन्माद में रोगी पवित्र रहता है, सुगंधित फूलों की माला पहनता है, आँखें बंद नहीं करता और संस्कृत बोलता है । यह देवता के कोप से होता है । सुश्रुत में अमानुष प्रतिषेध के अंतर्गत इसका उल्लेख है ।