देशकार
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]देशकार संज्ञा पुं॰ [सं॰] संपूर्ण जाति का एक राग जो सबेरे एक दंड सै पाँच दंड दिन चढे़ तक गाया जाता है । विशेष—यह राग परज, सोरठ और सरस्वती को मिलाने से बनता है । यह दीपक राग का पुत्र माना जाता है । इसका स्वरग्राम इस प्रकार है— स ऋ ग म प ध नि क् + अथवा ध नि स ऋ ग म प +
देशकार संज्ञा पुं॰ [सं॰ देशकार] दे॰ 'देशकार' ।