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दोअक्खी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दोअक्खी † संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ दो + आँख] भेद दृष्टि । एक नजर से न देखना । भेदभाव का बरताव करना । उ॰—अभी घंटे भर वहाँ बैठे चिकनी चुपडी़ बातें करते रहे तो नहीं देर हुई, में क्षण भर को बुलाती हूँ तो भागे जाते हो । इसी दोअक्खी की तो तुम्हों सजा मिल रही है ।—काया॰, पृ॰ १२१ ।