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दोबल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दोबल संज्ञा पुं॰ [देश॰] दोष । अपराध । उ॰—(क) दोबल कहा देति मोहिं सजनी तू तो बड़ी सुजान । अपनी सी मैं बहुतै कीन्हीं रहति न तेरी आन ।—सूर (शब्द॰) । (ख) दोबल देति आन ।—सूर (शब्द॰) । (ख) दोबल देति सबै मोही को उन पठयो मैं आयो । —सूर (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—देना ।