दोषरण
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दोषरण संज्ञा पुं॰ [सं॰ दोष + रण]
१. वह जो दोषों को मिटा दे । वह जो भक्तों के दोष दूर करे ।
२. दोषों से युद्ध । दोष का संघर्ष । उ॰—चलता नीहं हाथ, कोई नहीं साथ, उन्नत, विनत माथ, दो शरण, दोषरण ।—गीतगुंज, पृ॰ ५० ।