दोहना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दोहना पु क्रि॰ स॰ [सं॰ द्रोह, प्रा॰ दोह + हिं॰ ना (प्रत्य॰) अथवा सं॰ दोष + ना (प्रत्य॰)]
१. दोष लगाना । दूषित ठहराना ।
२. तुच्छ ठहराना । उ॰—बेनी नवबाला की बनाय गुही बलभद्र, कुसुम असन पाट मन मोहियत है । काल ी सटकारी नीकी राजत नितंब नीचे पन्नग की नारिन की देह दोहियत है ।—बलभद्र (शब्द॰) ।