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द्रुतमध्या

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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द्रुतमध्या संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक अर्धसमवृत्त का नाम । इसके प्रथम और तृतीय पाद में ३ भगण और २ गुरु होते हैं (/?/) तथा द्वितीय और चतुर्थ चरण में १ नगण, २ जगण और १ यगण (/?/) होता है । जैसे,— रामहिं सेवहु रामहिं गाओ । तल मन दै नित सीस नदाओ । जन्म अनेकन के अध जारों । हरि हरि गा निज जन्म सुधारो ।