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द्वादशभाव

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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द्वादशभाव संज्ञा पुं॰ [सं॰] फलीत ज्योतिष मे जन्मकुंडली के बारह घर जिनेक क्रम से तनु आदि नाम फलानुसार रखे गए हैं । विशेष— जन्मकालीन लग्न से पहले घर से तनु (अर्थात् शरीर क्षीण होगा कि स्थूल, सबल कि निर्बल, नाटा कि लंबा इत्यादि), दूसरे घर से धन और कुटुंब; तीसरे से युद्ध और विक्रम आदि; चौथे से बंधु, वाहन, सुख और आलय; पाँचवें से बुद्धि, मंत्रणा और पुत्र; छठे से चोट और शत्रु, सातवें से काम, स्त्री और पथ; आठवें से आयु, मृत्य, अपवाद आदि; नवें से गुरु, माता, पिता, पुण्य आदि; दसवें से मान, आज्ञा और कर्म; ग्यारहवें से प्राप्ति और आय, बारहवें घर से मंत्री और व्यय का विचार किया जाता है ।