द्वादशशुद्धि
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]द्वादशशुद्धि संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] वैष्णव संप्रदाय में तंत्रीक्त बारह प्रकार की शुद्धि । विशेष— देवगृह परिष्कार, देवगृह गमन, प्रदक्षिणा, ये तीन प्रकार की पदशुद्धि हैं । पूजा के लिये फूल पत्ते तोड़ना, प्रतिमोत्तलन (स्वर्श आदि) यह हस्तशुद्धि हुई । भगवान् का नामकीर्तन वाक्यशुद्धि है । हरिकथा श्रवण, प्रतिमा उत्सव आदि का दर्शन नेत्रशुद्धि हुई । विष्णुपादोदक और निर्माल्यधारण तथा प्रमाम शिर की शुद्धि तथा निर्माल्य और गंध पुष्पादि का सूँघना घ्राणशुद्धि है ।