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द्वारपूजा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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द्वारपूजा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. विवाह में एक कृत्य जो कन्यावाले के द्वार पर उस समय होता है जब बारात के साथ वर पहले पहल आता है । कन्या का पिता द्वार पर स्थापित कलश आदि का पूजन करके अपने इष्ट मित्रों सहित वर को उतारता और मधुपर्क देता है ।

२. जैनों की एक पूजा ।