द्विकर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]द्विकर संज्ञा पुं॰ [सं॰] दोनों हाथ । उ॰— गहो मेरे द्विकर, अहो, मेरे प्रवर, वहो मेरे इतर, चही मेरे चयन ।—आराधना, पृ॰ ४७ ।
द्विकर संज्ञा पुं॰ [सं॰] दोनों हाथ । उ॰— गहो मेरे द्विकर, अहो, मेरे प्रवर, वहो मेरे इतर, चही मेरे चयन ।—आराधना, पृ॰ ४७ ।