द्विगूढ़
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]द्विगूढ़ संज्ञा पुं॰ [सं॰ द्विगूढ] लास्य के दस अंगों में से एक । वह गीत जिसमें सब पद सम और सुंदर हों, संधियाँ वर्तमान द्विगुणित हों तथा रस और भाव सुसंपन्न हों (नाट्यशास्त्र) ।