सामग्री पर जाएँ

द्विगूढ़

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

द्विगूढ़ संज्ञा पुं॰ [सं॰ द्विगूढ] लास्य के दस अंगों में से एक । वह गीत जिसमें सब पद सम और सुंदर हों, संधियाँ वर्तमान द्विगुणित हों तथा रस और भाव सुसंपन्न हों (नाट्यशास्त्र) ।