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द्विपादवध

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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द्विपादवध संज्ञा पुं॰ [सं॰] दोनों पैर काटने का दंड । विशेष— कौटिल्य ने लिखा है कि जो लोग मृत पुरुष की जाय- दाद आदि की चोरी करते थे, उन्हें यह दंड दिया जाता था ।