द्विस्विन्नान्न
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]द्विस्विन्नान्न संज्ञा पुं॰ [सं॰] उबाले हुए धान का चावन । भुजिया चावल । विशेष— ब्रह्मवैवर्त पुराण में यति, विधवा और ब्रह्मचारी के लिये इसका खाना निषिद्ध कहा गया है । देवपूजन आदि में भी इसका व्यवहार अच्छा नीहं कहा गया है ।