द्वीतय
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]द्वीतय पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ द्वैत] दे॰ 'द्वैत' । उ॰— सुंदर समुझै एक है अनसमझै कौ द्वीत । उभै रहित सदगुरु कहै सौहै बचना- तीत ।—सुंदर ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ६७१ ।
द्वीतय पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ द्वैत] दे॰ 'द्वैत' । उ॰— सुंदर समुझै एक है अनसमझै कौ द्वीत । उभै रहित सदगुरु कहै सौहै बचना- तीत ।—सुंदर ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ६७१ ।