द्वैज
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]द्वैज पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ द्वितीय, प्रा॰ दुइय] द्वितीय । दूज । उ॰— द्वेज सुधा दीधित कला, यह लखि दीठ लगाय । मनौ अकास अगस्तिया, एकै कली लखाय ।—बिहारी (शब्द॰) ।
द्वैज पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ द्वितीय, प्रा॰ दुइय] द्वितीय । दूज । उ॰— द्वेज सुधा दीधित कला, यह लखि दीठ लगाय । मनौ अकास अगस्तिया, एकै कली लखाय ।—बिहारी (शब्द॰) ।