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धमकना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धमकना क्रि॰ अ॰ [हिं॰ घमक]

१. धम शब्द के साथ गिरना । धमाका करना । मुहा॰—आ धमकना = आ पहुँचना । तुरंत आ जाना । देखते देखते उपस्थित होना । जा धमकना = जा पहुँचना । धमक पड़ना = दे॰ 'आ धमकना' ।

२. आघात सा होता हुआ जान पड़ना । रह रहकर दर्द करना । व्यथित होना । (सिर के लिये) । जैसे, सिर धमकना ।

३. धूम धाम करना । उ॰—रमकि झमकि चमकत चपला सी धमकत मिलि इकठोरी ।—ब्रज॰ ग्रं॰, पृ॰ १६५ ।

४. बजना । उ॰—धमकत ढोल, बजत डफ, झाँझ अनेक एक संग ।—प्रेमघन॰, भा॰ १, पृ॰ ३४ ।

५. वेग दिखलाना । उ॰—(क) प्रथम पैठि पाताल सूँ धमकि चढ़ै आकास ।—दरिया॰, पृ॰ १३ । (ख) ते ऊँचे चढ़ि कै खरहरे । धमकि धमकि नरकन मैं परे ।—नंद॰ ग्रं, पृ॰ २२६ ।