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धमार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धमार ^१ संज्ञा स्त्री॰ [अनु॰]

१. उछलकूद । उपद्रव । उत्पात । धमाचौकड़ी । उ॰—बसंत झलकी आम के मौर लगे जिन पर भौर के डेरा जमे, धमार की मार होने लगी ।— श्यामा॰, पृ॰ ८० । क्रि॰ प्र॰—मचना ।—मचाना ।—होना ।

२. नटों की उछलकूद । कलावाजी । क्रि॰ प्र॰—करना ।—खेलना ।

३. विशेष प्रकार के साधुओँ की दहकती आग पर कूदने की क्रिया । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना ।

धमार ^२ संज्ञा पुं॰

१. होली के गाने का एक ताल ।

२. होली में गाने का एक प्रकार का गीत ।